swing Trading vs Intraday

Swing Trading vs Intraday: 5 बड़े अंतर | Beginners के लिए Best Guide 2025

Introduction

क्या आप Stock Market में नए हैं और सोच रहे हैं कि Swing Trading करें या Intraday? दोनों ही तरीकों से पैसे कमाए जा सकते हैं, लेकिन दोनों की Nature, Strategy और Risk बिल्कुल अलग हैं। Intraday Trading यानी उसी दिन के अंदर खरीदना और बेचना, जबकि Swing Trading में Position कुछ दिनों या हफ्तों तक होल्ड की जाती है।

यह आर्टिकल उन लोगों के लिए है जो अभी ट्रेडिंग शुरू कर रहे हैं और सही दिशा की तलाश में हैं। यहां हम दोनों तरीकों को आसान भाषा में समझेंगे और यह जानने की कोशिश करेंगे कि आपकी जरूरत, समय और सोच के अनुसार कौन-सी Trading बेहतर है।


Swing Trading क्या है?

Swing Trading वह तरीका है जिसमें ट्रेडर स्टॉक्स को 2-3 दिन से लेकर कुछ हफ्तों तक होल्ड करता है ताकि वह प्राइस मूवमेंट का पूरा फायदा उठा सके। इसका मकसद होता है छोटे-छोटे Trends (Swings) को पकड़ना और उस पर मुनाफा कमाना।

Swing Trading की परिभाषा:

“Swing Trading एक ऐसा Investment Style है जिसमें निवेशक प्राइस मूवमेंट (उतार-चढ़ाव) को पकड़ने के लिए कुछ दिनों से हफ्तों तक स्टॉक को होल्ड करते हैं।”

🛠 कैसे काम करता है Swing Trading?

  • ट्रेडर Technical Indicators (जैसे Moving Averages, RSI, MACD) की मदद से Entry और Exit पॉइंट खोजता है।
  • Fundamental News (जैसे Quarterly Results, Budget Announcements) का भी ध्यान रखा जाता है।
  • Swing Traders अक्सर Daily Charts (1D, 4H) का उपयोग करते हैं।

कौन से Tools जरूरी होते हैं Swing Traders के लिए?

  • TradingView या Chartink: Chart Analysis के लिए
  • Screener.in: स्टॉक्स को छांटने के लिए
  • Stop Loss & Risk Calculator: Position Size तय करने के लिए
  • News Alerts: Fundamental Updates के लिए

Swing Trading खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद होती है जो Full-Time Job करते हैं और दिनभर स्क्रीन पर नहीं बैठ सकते।


Intraday Trading क्या है?

Intraday Trading में ट्रेडर उसी दिन के अंदर शेयर खरीदता और बेचता है, यानी Position Open और Close दोनों एक ही दिन होती है। इस ट्रेडिंग का मकसद Market की छोटी-छोटी Movement से Profit कमाना होता है।

Intraday Trading की परिभाषा:

“Intraday Trading एक ऐसा ट्रेडिंग स्टाइल है जिसमें Position एक ही दिन में बंद हो जाती है और मुनाफा तेजी से कीमतों में हुए बदलाव से कमाया जाता है।”

Intraday कैसे ऑपरेट करता है?

  • मार्केट खुलने के तुरंत बाद से ट्रेडिंग शुरू होती है (सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक)।
  • Price Volatility का फायदा उठाया जाता है।
  • Scalping, Momentum Trading और Breakout Trading जैसी Strategies यूज़ की जाती हैं।

Beginners के लिए जरूरी Intraday Tools

  • Real-Time Charting Tools (TradingView, Zerodha Kite)
  • Volume Analyser
  • News Feed Tools (Moneycontrol, Bloomberg)
  • Brokerage Platform with Low Charges

Intraday में Time, Focus और Fast Decision Making बहुत जरूरी होता है। गलत Entry और बिना Stop Loss के Trade भारी नुकसान दे सकता है।


Swing Trading vs Intraday Trading (मुख्य अंतर – Table Format)

फीचरSwing TradingIntraday Trading
Time Frame2 दिन से लेकर कुछ हफ्तों तकएक ही दिन में Entry और Exit
Capital Requirementकम भी चलेगा, Margin की जरूरत नहींMargin ज़रूरी, Capital ज़्यादा चाहिए
Risk FactorModerate, Time to ThinkHigh Risk, Immediate Action Needed
Time Involvementकम (दिन में 30 मिनट काफी)High (पूरे दिन स्क्रीन पर निगाह रखनी होती है)
Analysis TypeTechnical + FundamentalPurely Technical + Volume-Based
Best ForWorking Professionals, Part-timersFull-time Traders, Active Market Participants
Emotions HandlingEasy to manageHigh pressure, Emotional decisions possible
TaxationSTCG @15%Business Income Tax (as per slab)

Swing Trading के फायदे और नुकसान

Swing Trading के लाभ:

  • Time Flexibility – आप Full-Time Job करते हुए भी ट्रेड कर सकते हैं।
  • Low Stress – हर मिनट स्क्रीन पर नज़र रखने की ज़रूरत नहीं।
  • Better Risk Control – Entry और Exit टाइम सोच-समझ कर तय कर सकते हैं।
  • Less Brokerage – Intraday के मुकाबले कम ट्रेड्स होते हैं।

Swing Trading की चुनौतियाँ:

  • News Impact – Overnights में Negative News से नुकसान संभव।
  • Patience की जरूरत – Long-Term View और Discipline चाहिए।
  • Slippage Risk – Gap Up/Gap Down में स्टॉप लॉस हिट हो सकता है।

Intraday Trading के फायदे और नुकसान

Intraday के लाभ:

  • Fast Returns – अगर Strategy सही है तो दिनभर में मुनाफा कमा सकते हैं।
  • No Overnight Risk – Position दिन में ही खत्म हो जाती है।
  • High Liquidity – ज्यादा Trade Opportunities मिलती हैं।
  • Margin Facility – कम पैसे में बड़े Lots का Trade किया जा सकता है।

Intraday की कमजोरियाँ:

  • High Pressure – Constant Focus की जरूरत।
  • Overtrading का खतरा – जल्दी-जल्दी ट्रेड करने से नुकसान।
  • Brokerage Charges – ज्यादा ट्रेड का मतलब ज्यादा खर्च।
  • Market Noise – गलत Signals पर Reaction हो सकता है।

Beginners के लिए कौन-सी ट्रेडिंग बेहतर है?

अब जब आप Swing और Intraday के बीच का फर्क जान चुके हैं, तो सवाल आता है — आपके लिए सही विकल्प क्या है?

आपकी Personality के अनुसार चयन:

  • अगर आप Fast-Paced Decisions में माहिर हैं, Market की Minute-by-Minute Activity को Handle कर सकते हैं, तो Intraday आपके लिए है।
  • अगर आप Analytical हैं, कम समय देना चाहते हैं, तो Swing Trading बेहतर विकल्प है।

Time Availability के आधार पर:

समयसुझाई गई ट्रेडिंग
Full-TimeIntraday
Part-Time/Job में व्यस्तSwing Trading

Investment Capital के आधार पर:

  • Swing Trading में कम Capital से शुरुआत संभव है।
  • Intraday में Margin Facility होती है, लेकिन Risk भी ज्यादा है।

कौन-से Sectors हैं दोनों के लिए Best?

हर Sector दोनों प्रकार की ट्रेडिंग के लिए समान रूप से उपयुक्त नहीं होता।

Swing Trading के लिए Best Sectors:

  • FMCG (HUL, Dabur)
  • IT Sector (TCS, Infosys)
  • Pharma (Sun Pharma, Dr. Reddy’s)
  • Large Cap Stocks

इनमें Price Movements Consistent होते हैं, जो Long Swings के लिए परफेक्ट हैं।

Intraday के लिए Best Sectors:

  • Banking (ICICI, HDFC)
  • Auto (Tata Motors, Hero)
  • PSU & Midcaps (BPCL, BHEL)

Intraday में Volume और Volatility जरूरी होती है, इसलिए ये Stocks ज्यादा उपयुक्त होते हैं।


कुछ Popular Strategies: Swing vs Intraday

Swing Strategies:

  1. Trend Following – Trend के साथ Position बनाना
  2. Breakout/Breakdown – Resistance टूटे तो Buy, Support टूटे तो Sell
  3. Support & Resistance Reversal – पुराने Support से Bounce के समय Entry

Intraday Strategies:

  1. Scalping – बहुत ही छोटे Movements में Entry और Exit
  2. Breakout Trading – Pre-Market या Initial Breakout का फायदा उठाना
  3. VWAP Strategy – Volume Weighted Average Price के आधार पर Decision लेना
StrategyUse in SwingUse in Intraday
Trend Following
Scalping
Breakout
VWAP

Swing और Intraday के लिए Best Tools

Screener Tools:

Chart Analysis Tools:

ToolFeatures
TradingViewRSI, MACD, Moving Averages, Candlestick Patterns
Zerodha KiteReal-time Charting

Risk Management Tools:

  • Position Size Calculator
  • Stop Loss Alert
  • Risk:Reward Ratio Tracker

Tools को सही तरीके से इस्तेमाल करना आपकी सफलता का रास्ता आसान कर देता है।


Expert Opinions और Real-Life Examples

Swing से Success Story:

  • कई प्रोफेशनल्स ने Swing Trading से Wealth Generate की है। जैसे कि Vivek Bajaj और Sunil Minglani, जिन्होंने Long-Term Swing Trades से अच्छा नाम कमाया।

Intraday Champs:

  • Shubham Agarwal जैसे ट्रेडर्स Intraday Technical Analysis से लाखों कमा चुके हैं।
  • कई YouTubers जैसे Neeraj Joshi, Pushkar Raj Thakur रोज Intraday के टॉप स्टॉक्स शेयर करते हैं।

यह स्टोरीज न सिर्फ मोटिवेशन देती हैं, बल्कि Learning भी बढ़ाती हैं।


Intraday और Swing में Candlestick Patterns का रोल

Candlestick Patterns आपको Market Psychology समझने में मदद करते हैं। ये Price Action को Visual Format में दिखाते हैं, जिससे आपको Entry और Exit Signals मिलते हैं।

Intraday के लिए Useful Candlestick Patterns:

PatternMeaningSignal
DojiUncertaintyTrend Reversal Possible
Engulfing (Bullish/Bearish)Strong ReversalBuy/Sell Trigger
HammerDowntrend में Buying SignalPotential Up Move

Swing के लिए Useful Candlestick Patterns:

PatternMeaningSignal
Morning StarBullish ReversalSwing Entry Point
Evening StarBearish ReversalSwing Exit Point
Tweezer BottomDouble Support ConfirmationBuy Signal

Candlesticks को Support, Resistance और Indicators के साथ मिलाकर इस्तेमाल करना सबसे Safe Strategy है।


Profit Expectations: Swing vs Intraday

CriteriaIntradaySwing
Avg. Holding TimeMinutes to HoursDays to Weeks
Potential ROI1-3% Per Trade5-20% Per Trade
FrequencyDailyWeekly/Monthly
Risk FactorHighModerate

Intraday High Frequency और Lower Margins पर काम करता है, जबकि Swing में Less Trades और Bigger Returns का मौका होता है।


Learning Resources: कहां से सीखें?

YouTube Channels:

  • Swing Trading: Booming Bulls, Elearnmarkets
  • Intraday Trading: Neeraj Joshi, Pushkar Raj Thakur

Free Courses & Blogs:

  • Zerodha Varsity (Swing + Intraday Both)
  • Investopedia
  • TradingView Blog

Books:

  • How to Make Money in Intraday Trading – Ashwani Gujral
  • Swing Trading for Dummies – Omar Bassal

Final Thoughts: कौन सी ट्रेडिंग आपके लिए Best है?

  • अगर आप full-time trading करना चाहते हैं, fast decision-maker हैं, और active market watcher हैं — Intraday आपके लिए सही है।
  • अगर आप part-time या job के साथ trading करना चाहते हैं, patience रखते हैं और risk कम लेना चाहते हैं — Swing Trading बेस्ट चॉइस है।

दोनों की अपनी जगह पर खासियत है। शुरुआत में छोटे amount से दोनों को try करें, फिर जो आपके comfort zone में हो, उसे चुनें।


🔚 निष्कर्ष (Conclusion)

Swing Trading और Intraday Trading दोनों में पैसा कमाने के अच्छे मौके हैं — बस फर्क है आपकी strategy, mindset और time dedication में।

Intraday उन लोगों के लिए है जो adrenaline rush पसंद करते हैं, जबकि Swing उनके लिए है जो आराम से सोच-समझकर निवेश करते हैं।

सही तरीका यह है कि आप पहले Demo Trading से शुरुआत करें, दोनों को अनुभव करें और फिर decision लें कि कौन सा तरीका आपके लिए सबसे उपयुक्त है।


❓FAQs:

1. क्या Beginners के लिए Intraday Trading सही है?
नहीं, Beginners को Swing Trading से शुरुआत करनी चाहिए क्योंकि उसमें Risk कम होता है।

2. क्या दोनों ट्रेडिंग एक साथ की जा सकती हैं?
हाँ, पर Risk Management और Time Allocation बहुत जरूरी होता है।

3. Swing में कितने दिन तक ट्रेड हो सकता है?
आमतौर पर 2 दिन से लेकर 2 हफ्तों तक, लेकिन Market Conditions पर भी निर्भर करता है।

4. Intraday में Margin कितना मिलता है?
Broker पर निर्भर करता है। Zerodha जैसे brokers 5X तक Margin देते हैं।

5. क्या Candlestick Pattern अकेले काफी हैं?
नहीं, इन्हें हमेशा Volume, Support-Resistance और Indicators के साथ मिलाकर उपयोग करना चाहिए।

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